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हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन, विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे के कथित गबन के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और उन्हें अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद का यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।

लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026  पेश किया। प्रस्तावित विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान किया गया है। लगातार व्यवधान के कारण सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं चल सके।

वहीं राज्यसभा में सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’* का अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा। विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह पूरे सत्र के दौरान NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा मामले और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगा।

इस बीच राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उच्च सदन के नौ नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। इनमें गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से निर्वाचित सदस्य शामिल हैं। राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे इस मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों के साथ-साथ सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने की संभावना है।