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JPSC परीक्षा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच की मांग पर केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार, 24 अगस्त को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, JPSC और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि अभ्यर्थी लंबे समय से कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच CBI या सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि जांच में फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इसे किसी जांच एजेंसी के जरिए कराना अधिक उचित होगा।

याचिका में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। इनमें OMR कार्बन कॉपी, CCTV फुटेज और सर्वर ऑडिट लॉग शामिल हैं। गौरतलब है कि JPSC परीक्षा को लेकर झारखंड में पहले से ही अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र और राज्य सरकार के जवाब पर मामले की आगे की दिशा निर्भर करेगी।