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वैश्विक तनाव और बैंकिंग शेयरों की बिकवाली से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार दबाव में नजर आया। कमजोर वैश्विक संकेतों और कई नकारात्मक कारकों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक टूटकर 77,445 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 180 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,150 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बढ़त रही, लेकिन एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया।

बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव रहा। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल के दामों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। तेल महंगा होने से निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। एशियाई और अमेरिकी शेयर बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी भारतीय बाजार का माहौल बिगाड़ा। जापान, दक्षिण कोरिया और वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में हालिया गिरावट का असर घरेलू निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा।

इसके अलावा, जून तिमाही के नतीजों के बाद निजी बैंकों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में आई तेज गिरावट ने बाजार को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी।