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AAP के 7 बागी सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी, राज्यसभा में NDA की ताकत बढ़कर 113 हुई

दिल्ली और पंजाब की राजनीति में सक्रिय आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्यसभा के सभापति ने पार्टी के 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है।

राज्यसभा सचिवालय की ओर से सोमवार सुबह जारी अधिसूचना में इस विलय को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया। इसके साथ ही राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जिससे सदन में उसका प्रभाव और मजबूत हुआ है।

इस घटनाक्रम की शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई, जब आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। इनमें राघव चड्ढा का नाम भी प्रमुख रूप से सामने आया। उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय संविधान के प्रावधानों के तहत लिया गया है और इसे पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अधिकांश सांसदों ने भाजपा में विलय का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि सात सांसदों ने एक संयुक्त दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जिसे राज्यसभा के सभापति को सौंपा गया। उनके अनुसार, उन्होंने स्वयं दो अन्य सांसदों के साथ व्यक्तिगत रूप से यह दस्तावेज प्रस्तुत किया। इस घटनाक्रम के बाद संसद के ऊपरी सदन में राजनीतिक संतुलन बदल गया है और आने वाले समय में इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।