केरल में शिगेला संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राज्य में अब तक लगभग 20 लोग इस बैक्टीरियल इंफेक्शन की चपेट में आ चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है। हालात को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
शिगेला एक बैक्टीरिया है जो आंतों को प्रभावित करता है और इससे होने वाली बीमारी को शिगेलोसिस कहा जाता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन और गंदगी के संपर्क में आने से फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत कम मात्रा में बैक्टीरिया भी संक्रमण फैलाने के लिए पर्याप्त होता है, इसलिए यह तेजी से फैल सकता है।
इसके लक्षणों में लगातार दस्त, पेट दर्द, बुखार, उल्टी, कमजोरी और डिहाइड्रेशन शामिल हैं। कुछ गंभीर मामलों में मल में खून भी आ सकता है। यह संक्रमण आमतौर पर 1 से 3 दिनों के भीतर लक्षण दिखाने लगता है, हालांकि कभी-कभी इसमें एक सप्ताह तक भी लग सकता है।
स्वस्थ लोगों में यह बीमारी सामान्य उपचार से ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकती है। गंभीर स्थिति में डिहाइड्रेशन, किडनी की समस्या और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इसका इलाज मुख्य रूप से तरल पदार्थ, ORS और आराम पर आधारित होता है, जबकि गंभीर मामलों में एंटीबायोटिक दी जाती हैं। विशेषज्ञ बिना सलाह के दवा लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे साफ पानी का इस्तेमाल करें, हाथों की नियमित सफाई रखें, भोजन अच्छी तरह पकाकर खाएं और संदिग्ध स्थानों पर खाने-पीने से बचें।









