दिल्ली ब्लास्ट की जांच के बीच रूस ने भारत को अपना सबसे एडवांस्ड फिफ्थ-जेनरेशन फाइटर जेट Su-57E का अपग्रेडेड एक्सपोर्ट वर्जन और अनलिमिटेड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का प्रस्ताव दिया है। यह ऑफर भारत-रूस के छह दशक पुराने रक्षा सहयोग को नई ऊर्जा देने वाला कदम माना जा रहा है।
दुबई एयर शो में पेश किए गए पैकेज में Su-57E की आपूर्ति, लाइसेंस्ड प्रोडक्शन, नई एयर-लॉन्च्ड वेपन्स, भारतीय म्यूनिशन इंटीग्रेशन, लंबी अवधि का मेंटेनेंस और सपोर्ट शामिल हैं। जेट की स्टेल्थ डिजाइन, रडार-एब्जॉर्बेंट कोटिंग और इंटरनल वेपन बे इसे दुश्मन की नजर से छिपकर हमला करने में सक्षम बनाते हैं। इसका AESA रडार 240 किलोमीटर तक लक्ष्य पहचान सकता है और IRST सिस्टम तथा 360-डिग्री ऑप्टिकल सेंसर इसे ‘फ्लाइंग वॉचटावर’ बनाते हैं।
साथ ही जेट के साथ 10 से ज्यादा एयर-लॉन्च्ड हथियार भी उपलब्ध होंगे। रूस की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से भारत न सिर्फ इसे ऑपरेट कर सकेगा, बल्कि भविष्य में घरेलू उत्पादन भी कर सकता है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। यह कदम भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करता है और क्षेत्रीय बैलेंस भारत के पक्ष में झुका सकता है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं।









