पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारियों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और कैबिनेट मंत्री संजీవ अरोड़ा के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लगातार हो रही इन छापेमारियों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक की गई जांचों में कितना अवैध धन बरामद हुआ है, और यदि कुछ मिला है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। केजरीवाल ने कहा कि देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी एजेंसियों का इस्तेमाल केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में ही क्यों होता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि पंजाब इस तरह के दबाव में झुकने वाला नहीं है। वहीं, AAP नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने भी केंद्र पर चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया। आतिशी ने कहा कि यह कार्रवाई आगामी चुनावों से पहले डर और असुरक्षा को दर्शाती है।
AAP का कहना है कि ये घटनाएं एक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं, जहां जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है और इसका राजनीतिक प्रभाव कितना गहरा होता है।









