समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने लगभग 225 मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने की तैयारी कर सकती है। उनके अनुसार, यह कदम इस बात का संकेत है कि पार्टी को अपने कई मौजूदा जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन पर पूरी तरह भरोसा नहीं है और वह चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर बदलाव पर विचार कर रही है।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी संभावित हार को देखते हुए नुकसान कम करने की रणनीति पर काम कर रही है और इसी कारण संगठन स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के प्रशासनिक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से इसका प्रभार वापस लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपना, सरकार के भीतर भरोसे की कमी को दर्शाता है। उनके अनुसार ऐसे फैसले राजनीतिक और प्रशासनिक अस्थिरता की ओर संकेत करते हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल विपक्ष की राजनीतिक बयानबाजी है और सरकार तथा संगठन दोनों मजबूत स्थिति में हैं। भाजपा का दावा है कि आगामी चुनावों के लिए उसकी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट है और किसी तरह की अंदरूनी कमजोरी नहीं है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने की संभावना है। 403 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 202 है। 2022 के चुनाव में भाजपा ने 255 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि एनडीए का कुल आंकड़ा 273 सीटों तक पहुंचा था। वर्तमान में भी भाजपा के पास 257 विधायक हैं और एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में माना जाता है।









