पंजाब के पटियाला जिले में शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर की गई एक बड़ी आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया। यह घटना सोमवार रात डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर हुई, जहां मालगाड़ियों के लिए बने ट्रैक को उड़ाने की कोशिश की गई थी। प्रतिबंधित संगठन Khalistan Tiger Force (KTF) ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।
पुलिस के अनुसार, इस हमले में शामिल एक संदिग्ध आतंकी की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पहचान तरन तारन जिले के पंजवार गांव निवासी जगरूप सिंह के रूप में हुई है। धमाके के बाद उसका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक पर मिला। प्रारंभिक जांच में इसे कम तीव्रता का विस्फोट माना गया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह ट्रैक को उड़ाने की गंभीर कोशिश थी, जो असफल रही।
अधिकारियों ने बताया कि यह धमाका शंभू-अंबाला रेल खंड के पास बोथोनिया गांव के नजदीक हुआ। विस्फोट के कारण ट्रैक को आंशिक नुकसान पहुंचा और रेलवे लाइन के नीचे एक छोटा गड्ढा बन गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज में संदिग्ध को अमृतसर में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करते हुए भी देखा गया है। यह पिछले तीन महीनों में फ्रेट कॉरिडोर पर दूसरा ऐसा मामला है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) को सौंपी जा सकती है।









