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कफ सिरप की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर रोक, अब केवल डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन से ही उपलब्ध

मध्य प्रदेश में हाल ही में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौतों के बाद देशभर में हड़कंप मच गया था। इन घटनाओं को गंभीरता से देखते हुए केंद्र सरकार ने अब कफ सिरप की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार की शीर्ष नियामक औषध परामर्श समिति की 67वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब देशभर के दवा विक्रेता बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कफ सिरप नहीं बेच सकेंगे।

इस कदम का उद्देश्य बच्चों और आम जनता को सुरक्षित रखना है और दवाओं के दुरुपयोग को रोकना है। प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाओं का सेवन अक्सर एंटीबायोटिक्स के असर को कम कर देता है और शरीर में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया दवा के प्रति प्रतिरोधी बन जाते हैं।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में कम से कम 24 बच्चों की मौत ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप पीने के बाद हुई थी। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और अन्य देशों में भी कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आए। उज्बेकिस्तान में 68 बच्चों की मौत के मामले में 21 लोगों को सजा दी गई थी। WHO ने भारत में बनी तीन मिलावटी दवाओं की पहचान भी की थी। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कफ सिरप केवल डॉक्टर के निर्देश पर ही लिया जाए, ताकि दवा से होने वाले खतरों को रोका जा सके।