National

दलाई लामा के जीवन और संदेश पर नई किताब ‘इटरनल लाइट’ लॉन्च

नई दिल्ली में 14वें दलाई लामा के जीवन, संघर्ष और वैश्विक प्रभाव पर आधारित नई जीवनी ‘इटरनल लाइट: द लाइफ एंड लिगेसी ऑफ द 14th दलाई लामा’ का औपचारिक लोकार्पण किया गया। वेस्टलैंड बुक्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और जीवनीकार डॉ. अरविंद यादव हैं।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में दलाई लामा के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत गेशे चोपा तेनजिन ल्हाड्रोन के नेतृत्व में दीर्घायु प्रार्थना से हुई। इसके बाद पद्म श्री प्रोफेसर नवांग समतेन, पवन के. वर्मा और डॉ. अरविंद यादव ने अपने विचार साझा किए। पुस्तक का विमोचन पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह की मौजूदगी में हुआ, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की।

पुस्तक में दलाई लामा के बचपन से लेकर उनके आध्यात्मिक नेतृत्व और तिब्बती समुदाय के लिए किए गए प्रयासों तक की यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। 1935 में पूर्वी तिब्बत में जन्मे ल्हामो थोंडुप को महज दो वर्ष की उम्र में 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म माना गया था। 1950 के दशक में तिब्बत की राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने कम उम्र में नेतृत्व संभाला और 1959 में भारत आने के बाद धर्मशाला से तिब्बती समुदाय के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1989 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित दलाई लामा आज करुणा, अहिंसा और शांति के वैश्विक प्रतीक माने जाते हैं। लेखक के अनुसार, यह पुस्तक केवल तिब्बत की कहानी नहीं, बल्कि साहस, करुणा और मानवीय मूल्यों की यात्रा है।