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भारत दौरे पर ईरानी राष्ट्रपति का अमेरिका-इजराइल को कड़ा संदेश, बोले- दबाव के आगे नहीं झुकेंगे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अपने देश का रुख एक बार फिर स्पष्ट किया है। भारत के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे पेजेश्कियान ने एक कार्यक्रम में कहा कि ईरान किसी भी तरह की दादागीरी, धमकी या दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और कारोबारी प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने विदेशी ताकतों पर ईरानी समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों का मजबूती से मुकाबला किया जाएगा।

पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान डराने-धमकाने की राजनीति के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरान पर दबाव बढ़ाया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने अमेरिकी और इजराइली सेनाओं को आतंकवादी बताते हुए दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक स्कूल के पास हुए हमले का भी जिक्र किया, जिसमें उनके अनुसार 168 बच्चों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और आम लोगों की आजीविका को निशाना बनाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक, आर्थिक और सैन्य दबाव के बावजूद ईरानी जनता आत्मसमर्पण नहीं करेगी। भारत दौरे को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईरान भारत को एक महत्वपूर्ण उभरती शक्ति और ब्रिक्स के प्रभावशाली सदस्य के रूप में देखता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत ब्रिक्स को प्रभावी नेतृत्व प्रदान करेगा।