Madhya Pradesh Technology

इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मिली बड़ी सौगात, 2935 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मध्य प्रदेश को विकास की बड़ी सौगात देते हुए इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन कॉरिडोर की आधारशिला रखी। लगभग 2,935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह 48 किलोमीटर लंबी सड़क इंदौर और उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को नई गति देने का काम करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन, सांवेर और इंदौर क्षेत्र के विकास का नया प्रतीक बनेगा। साथ ही यह मार्ग पीथमपुर और निमाड़ क्षेत्र को दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़कर औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

अधिकारियों के अनुसार यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इससे 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर मध्य प्रदेश को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए कुल 5,657 करोड़ रुपये की सहायता की भी जानकारी दी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हजारों आवासों का भूमिपूजन और गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे आम लोगों को आवासीय सुविधा का लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा भी की गई, जिसमें घाट निर्माण और कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। यह परियोजना शिप्रा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल में स्नान की सुविधा मिल सके। कुल मिलाकर, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और अन्य विकास परियोजनाएं मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं।