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LPG सप्लाई को मिलेगा नया आधार: देश में बिछेगा 2,500 किमी लंबा पाइपलाइन नेटवर्क

देश में LPG की ढुलाई को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने रिफाइनरियों, आयात टर्मिनलों और LPG बॉटलिंग इकाइयों को जोड़ने के लिए लगभग 2,500 किलोमीटर लंबा नया पाइपलाइन नेटवर्क विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य सड़क मार्ग से होने वाले LPG परिवहन पर निर्भरता को काफी हद तक कम करना है।

इस परियोजना के तहत कुल नौ पाइपलाइन योजनाएँ तैयार की गई हैं, जिनमें से चार के लिए बोली प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। प्रमुख प्रस्तावित रूट्स में चेरलापल्ली से नागपुर, शिकरापुर से हुबली-गोवा, पारादीप से रायपुर और झांसी से सितारगंज तक की कनेक्टिविटी शामिल है। ये सभी पाइपलाइनें मिलकर देश की गैस सप्लाई व्यवस्था को मजबूत बनाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 12,500 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है। अभी देश में LPG पाइपलाइनों का नेटवर्क लगभग 8,000 किलोमीटर से थोड़ा अधिक है, और नई परियोजनाओं के बाद इसमें काफी विस्तार होगा।

सरकार का मानना है कि पाइपलाइन के माध्यम से LPG की आपूर्ति न केवल तेज और लगातार होगी, बल्कि यह सड़क परिवहन की तुलना में अधिक सुरक्षित भी होगी। इससे LPG टैंकरों की आवाजाही में भारी कमी आएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम घटेगा। इसके अलावा, पाइपलाइन सिस्टम से ईंधन की बर्बादी कम होगी, परिवहन लागत घटेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। अनुमान है कि इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर यह पहल देश में LPG सप्लाई को अधिक विश्वसनीय, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।