दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना ने एक बार फिर किराए के मकानों और PG में रहने वालों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें सुरक्षित नहीं मानी जा रही इमारत खाली करने वाले छात्रों को सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने से इनकार किए जाने के दावे किए गए। ऐसे में PG में रहने वालों के लिए अपने अधिकार समझना बेहद जरूरी है।
PG छोड़ने पर क्या सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिलना चाहिए?
सिर्फ PG खाली करने की वजह से सिक्योरिटी रोकना उचित नहीं माना जाता। अगर किराया, बिजली-पानी का बकाया या किरायेदार की वजह से हुआ कोई वास्तविक नुकसान है, तो तय शर्तों के मुताबिक उसकी रकम काटी जा सकती है। लेकिन सामान्य इस्तेमाल से हुई मामूली टूट-फूट के नाम पर मनमाने तरीके से पैसा काटना सवालों के घेरे में आ सकता है।
PG लेते समय एग्रीमेंट जरूर करें
लिखित समझौते में सिक्योरिटी की रकम, मासिक किराया, भुगतान की तारीख, नोटिस पीरियड और PG छोड़ने पर डिपॉजिट लौटाने की शर्त साफ होनी चाहिए। साथ ही यह भी दर्ज हो कि किन परिस्थितियों में सिक्योरिटी से पैसा काटा जा सकता है।
सुरक्षा से समझौता नहीं
PG में रहने वालों को बुनियादी और सुरक्षित रहने का माहौल मिलना चाहिए। आग से बचाव के इंतजाम, पर्याप्त रोशनी और हवा, साफ पानी, बिजली और प्लंबिंग जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। इमारत असुरक्षित लगे तो स्थानीय प्रशासन या नगर निकाय से संपर्क किया जा सकता है।
22 मार्च 2024 के दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले में भी सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने से जुड़ी अहम बातें सामने आईं। हालांकि हर PG विवाद में फैसला एग्रीमेंट, स्थानीय कानून और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए PG लेते वक्त सिर्फ किराया नहीं, अपनी सुरक्षा और सिक्योरिटी की शर्तें भी जरूर जांचें।


