जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। इस फैसले के बाद पिछले कई दिनों से छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात कैंपस में हुए हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत हुई। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने पर हामी भर दी। इसके बाद रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने की बात कही गई। प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ जारी निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से की गई कार्रवाई की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
छात्र करेंगे सार्वजनिक माफी
समझौते के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। इसके लिए छात्र प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी बात रखेंगे और माफी मांगेंगे।
तीन सांसदों के खिलाफ मामला दर्ज
इस बीच, दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जामिया प्रशासन की शिकायत पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। तीनों के खिलाफ जामिया नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीनों नेताओं के खिलाफ कैंपस में कथित अनधिकृत प्रवेश को लेकर शिकायत दी थी। ये नेता हाल के दिनों में अलग-अलग समय पर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे थे। छात्र संघ चुनाव कराने के फैसले को लंबे समय से उठाई जा रही छात्रों की मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


