देश की दिग्गज आईटी कंपनी Infosys निवेशकों के भरोसे की कठिन परीक्षा से गुजर रही है। कभी शेयर बाजार की ब्लूचिप मानी जाने वाली कंपनी अब भारत की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की सूची से बाहर हो गई है। मार्केट कैप में तेज गिरावट और कमजोर ग्रोथ आउटलुक ने इस गिरावट को और गहरा कर दिया है। कंपनी को हाल के दिनों में बड़ा झटका लगा है। करीब 2 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू घटने के बाद इसका मार्केट कैप अब लगभग 4.9 लाख करोड़ रुपये रह गया है। मार्च तिमाही में 46,402 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 8,501 करोड़ रुपये का मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन FY27 के लिए 1.5% से 3.5% के कमजोर ग्रोथ गाइडेंस ने निवेशकों को निराश कर दिया।
नतीजों के बाद शेयर पर दबाव साफ दिखा। एक ही दिन में करीब 7% की गिरावट आई, जबकि सालभर में यह गिरावट 30% तक पहुंच चुकी है। इस बीच Life Insurance Corporation of India ने टॉप-10 में जगह बना ली है, जबकि Tata Consultancy Services भी रैंकिंग में पीछे खिसकी है, जो पूरे आईटी सेक्टर में कमजोरी का संकेत देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट सिर्फ अस्थायी नहीं बल्कि स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत हो सकती है। कंपनियां अब खर्च कम करने, लागत घटाने और वेंडर कंसोलिडेशन पर ध्यान दे रही हैं, जिससे आईटी कंपनियों के पारंपरिक बड़े डील्स पर असर पड़ रहा है।
हालांकि, Infosys आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन में तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी ने Topaz जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं और बड़े पैमाने पर डेवलपर्स AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। इससे नए अवसर तो बन रहे हैं, लेकिन AI के कारण बढ़ती प्रोडक्टिविटी का फायदा ग्राहकों को कम कीमत के रूप में मिल रहा है, जिससे कंपनी के मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव बढ़ रहा है। डिमांड की स्थिति भी असमान बनी हुई है। जहां फाइनेंशियल सर्विसेज और एनर्जी सेक्टर में स्थिरता है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर अभी भी दबाव में हैं। ऐसे में Infosys के सामने चुनौती यह है कि वह बदलते टेक्नोलॉजी और बाजार के माहौल में खुद को कितनी तेजी से ढाल पाती है।









