शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य सचिवालय में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 14 हजार पदों को भरने की मंजूरी दी गई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि सरकार का लक्ष्य मार्च तक इन भर्तियों को पूरा करना है। बैठक में लगभग 200 एजेंडों पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
विभिन्न विभागों में हजारों पद भरने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने वन रक्षकों के 500, सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के 3900 और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 900 पद भरने को मंजूरी दी। वनखंडी चिड़ियाघर में 57, कॉलेज शिक्षकों के 20 और रेडियोग्राफर के 40 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 500 स्टाफ नर्स और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 40 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग में भर्ती
जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4300 पद भरने की मंजूरी दी गई है। इनमें 1242 पंप ऑपरेटर, 1845 बेलदार, 344 चौकीदार, 175 स्वीपर, 87 कुक और 40 पैरा हेल्पर के पद शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्कर और 10 सहायक अभियंताओं की भर्ती होगी। वन विभाग में रेंज अधिकारियों के 10 पद भी भरे जाएंगे।
एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने का फैसला
कैबिनेट ने शेष एसएमसी शिक्षकों को एलडीआर कोटे के तहत नियमित करने का निर्णय लिया है। टीजीटी और डीपीई शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए भी 700 पदों को मंजूरी दी गई है।
रितु नेगी समेत चार खिलाड़ियों को एक-एक करोड़
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाली रितु नेगी सहित चार खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इन खिलाड़ियों को सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बागवानी, आबकारी एवं कराधान विभाग में पद भरने और करुणामूलक आधार पर नौकरी के मामलों को भी मंजूरी दी गई। मंत्री के अनुसार, सरकार अब तक करीब 32 हजार नौकरियां देने का दावा कर चुकी है, जबकि 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। नए पदों को मिलाकर सरकार ने कुल 50 हजार पद भरने का लक्ष्य रखा है।


