दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे AI कंटेंट के बीच google ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी खास तकनीक “SynthID” को और ज्यादा प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाने का ऐलान किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो असली है या फिर उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार या एडिट किया गया है।
Google ने इस तकनीक को पहली बार साल 2023 में पेश किया था। SynthID एक इनविज़िबल वॉटरमार्क सिस्टम है, जो AI से बनाए गए कंटेंट में छिपा होता है। यह सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन सिस्टम इसकी मदद से तुरंत पता लगा सकता है कि कंटेंट AI जनरेटेड है या नहीं। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद इंटरनेट पर भरोसा और पारदर्शिता बनाए रखना है।
अब तक यह फीचर सिर्फ Gemini AI ऐप तक सीमित था, लेकिन जल्द ही इसे Google Search और Chrome ब्राउज़र में भी जोड़ा जाएगा। इस बड़ी घोषणा की जानकारी Google के CEO Sundar Pichai ने कैलिफोर्निया में आयोजित कंपनी के वार्षिक I/O इवेंट के दौरान दी।
इवेंट में पिचाई ने एक वायरल AI तस्वीर का उदाहरण भी दिखाया, जिसमें वह Elon Musk, Jensen Huang और Sam Altman के साथ मैकडॉनल्ड्स खाते नजर आ रहे थे। उन्होंने मजाक में कहा कि तस्वीर नकली है क्योंकि वह हैमबर्गर नहीं खाते। Google के मुताबिक अब तक 100 अरब से ज्यादा फोटो, वीडियो और ऑडियो फाइलों पर SynthID वॉटरमार्क लगाया जा चुका है। खास बात यह है कि OpenAI, NVIDIA और ElevenLabs जैसी कंपनियां भी इस तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।









