तमिलनाडु के पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को कथित 100 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई तमिलनाडु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने की। मद्रास हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने चेन्नई के अमीनजीकराई स्थित उनके अपार्टमेंट पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार किया।
मामले की शुरुआत निजी स्कूलों से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की शिकायत से हुई थी। निजी स्कूल संघों के महासंघ के सचिव डीसी इलांगोवन ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बीटी अरासाकुमार और मुथुकुमार पर स्कूल प्रबंधन से पैसे वसूलने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि स्कूलों को स्थायी मान्यता, अपग्रेड करने की अनुमति और नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय (डीटीसीपी) से मंजूरी सहित अन्य कानूनी स्वीकृतियां दिलाने का भरोसा दिया गया था। कथित तौर पर यह रकम डीएमके के पार्टी फंड में योगदान के नाम पर ली गई। शिकायत के अनुसार, वादे पूरे नहीं किए गए और पैसे भी वापस नहीं लौटाए गए।
सीसीबी ने शुरुआत में अरासाकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया था। उन्हें 27 जून को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए तत्कालीन शिक्षा मंत्री महेश पोय्यामोझी की भूमिका की भी पड़ताल की गई। जांच के तहत 16 सितंबर को चेन्नई और त्रिची में नौ स्थानों पर छापेमारी की गई, जिनमें महेश से जुड़े चार ठिकाने शामिल थे। इस दौरान दस्तावेज जब्त किए गए। 29 सितंबर को भी छापेमारी हुई। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया। मामले में आरोपों की जांच जारी है।


