NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने के फैसले के बाद छात्रों की परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। इसी बीच फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स (FAIMS), नई दिल्ली ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पत्र लिखकर NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
NTA ने पहले ही यह घोषणा की है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पुरानी फीस वापस की जाएगी। हालांकि FAIMS का कहना है कि केवल फीस रिफंड पर्याप्त नहीं है, क्योंकि परीक्षा रद्द होने और फिर से आयोजन के कारण छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ा है।
FAIMS प्रमुख अमरिंदर सिंह मल्ही ने अपने पत्र में मांग की है कि री-एग्जाम में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को यात्रा और आवास से जुड़े खर्चों की प्रतिपूर्ति की जाए। इसमें हवाई किराया, ट्रेन और बस किराया, टैक्सी या स्थानीय परिवहन खर्च के साथ होटल और अन्य आवास खर्च भी शामिल हैं। संगठन ने यह भी कहा है कि परिवारों द्वारा उठाए गए अतिरिक्त आकस्मिक खर्चों की भरपाई भी NTA को करनी चाहिए।
इसके अलावा FAIMS ने फीस रिफंड प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग उठाई है। संगठन चाहता है कि छात्रों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि भेजी जाए। FAIMS ने NEET पेपर लीक मामले की तेज जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और राष्ट्रीय परीक्षाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र “परीक्षा निष्पक्षता आयोग” के गठन की भी मांग की है। साथ ही छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए हेल्पलाइन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाएं शुरू करने की अपील भी की गई है।









