प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून (पीएमएलए) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान सतीश सेठ और गौतम दोषी के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को मुंबई से हिरासत में लिया गया, जिसके बाद उनकी ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर ली गई है। ईडी अब उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जा रही है, क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज है।
जानकारी के अनुसार, सतीश सेठ और गौतम दोषी दोनों पहले रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में निदेशक पद पर कार्य कर चुके हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक ऋण से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से जुड़ी लगभग 114.98 करोड़ रुपये की कथित लोन धोखाधड़ी से संबंधित है। इस केस की प्रारंभिक जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई थी, जिसके बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।
एसबीआई उस 11 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा था, जिसने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा प्रदान की थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस ऋण के उपयोग और उसके पुनर्भुगतान में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। ईडी ने सीबीआई की शिकायत के आधार पर इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की संभावित भूमिका की जांच शुरू की है। अधिकारियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और निर्णय प्रक्रिया की परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।









