अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में गिरावट देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने से क्रूड ऑयल के दाम पहले के मुकाबले नीचे आए हैं। फिलहाल वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 76 से 80 डॉलर प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल का कारोबार फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होता है। वर्तमान में दिखाई देने वाली कीमतें जुलाई और अगस्त में डिलीवरी होने वाले तेल की हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई इस गिरावट का असर भारतीय बाजार में कुछ समय बाद देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का अंतिम निर्णय तेल विपणन कंपनियां और सरकार ही करती हैं।
शनिवार को जारी ताजा दरों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये तथा डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
अन्य प्रमुख शहरों में भी कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला है। हैदराबाद, जयपुर, पटना और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हुआ है, लेकिन भारत के लिए आयातित कच्चे तेल की औसत लागत अभी भी अपेक्षाकृत अधिक है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अनुसार, जून महीने में भारतीय ऑयल बास्केट का औसत मूल्य करीब 89.88 डॉलर प्रति बैरल रहा है। इसलिए उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।









