सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर पैदा हुए विवाद को बेवजह का और सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक और सामाजिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे विवाद खड़ा कर रही है। मसूद ने बरेली जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक दिया। सांसद ने दावा किया कि उन्हें नजरबंद किया गया।
इमरान मसूद ने कहा कि मुसलमानों को अपना प्यार पोस्टर के जरिए दिखाने की जरूरत नहीं है, बल्कि मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद नमाज पढ़ने के लिए है, प्रदर्शन करने के लिए नहीं। कुछ युवक वहां प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे पूरे समुदाय का नाम खराब हो रहा है। मसूद ने समुदाय से अपील की कि वे ऐसे मामलों में न फंसें और नफरत का शिकार न बनें।
सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था खराब हो चुकी है और लोगों के पास खाने-पीने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ऐसे समय में सरकार छोटे-छोटे राजनीतिक मुद्दों को बढ़ाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि फतेहपुर और मुजफ्फरनगर में हुई घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन एक पोस्टर पर कठोर कार्रवाई की गई।
इमरान मसूद ने यह भी कहा कि वह गांधी की विचारधारा के अनुयायी हैं और सरकार को ऐसे मामलों में बुलडोजर चलाने का मौका नहीं देना चाहिए। बरेली बवाल में 38 लोगों को नामजद किया गया, जिससे उनकी पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा है।









