भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अफ्रीका दौरे के अंतिम चरण में बोत्सवाना ने उन्हें आठ चीते सौंपे, जिन्हें क्वारंटीन पूरा होने के बाद भारत लाया जाएगा। यह कदम भारत के प्रोजेक्ट चीता के विस्तार और विलुप्त हो चुके प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना के संरक्षण केंद्र में चीतों को उनके नए आवास में छोड़ते हुए वन्यजीव संरक्षण के लिए देश का धन्यवाद किया।
राष्ट्रपति ने बोत्सवाना में भारतीय समुदाय से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की और उन्हें भारत और बोत्सवाना के बीच सहयोग को मजबूत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने ओसीआई योजना और प्रवासी भारतीय दिवस जैसी पहलों का लाभ उठाने और अनुभव साझा करने की भी बात कही।
इस दौरे के दौरान ऊर्जा, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। भारत ने बोत्सवाना को हीरा उत्पादन और अन्य आर्थिक परियोजनाओं में सहयोग देने की योजना बताई।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने छह दिवसीय दौरे में अंगोला और बोत्सवाना के नेताओं से मुलाकात की और दोनों देशों के साथ आपसी समझ और सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने भारत लौटने से पहले दिल्ली आतंकी हमले के पीड़ितों की स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा।


