पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत लंबित मांगों के समाधान को लेकर बैंक कर्मचारी यूनियनों ने देशव्यापी आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। यूनियनों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की तैयारी है।
यूएफबीयू की 14 सितंबर को हुई बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की गई। इसके तहत 18 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। 20 सितंबर को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा, जबकि 22 सितंबर को बैंक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।
इसके अलावा 24 सितंबर को राज्य की राजधानियों सहित विभिन्न केंद्रों पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। 26 और 27 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कर्मचारियों के बीच बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना है। यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और अन्य लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर भारतीय बैंक संघ (आईबीए) तथा वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) से अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसी के चलते आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।


