डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI समेत डिजिटल भुगतान के दौरान ग्राहकों पर किसी भी तरह का अनुचित अतिरिक्त शुल्क नहीं डाला जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सरकार ने प्रमुख पेमेंट एग्रीगेटर्स के साथ अहम बैठक की, जिसमें नियमों के सख्ती से पालन पर जोर दिया गया।
बैठक में डिजिटल पेमेंट व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और उसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मुख्य फोकस उन खामियों को दूर करने पर है, जिनके चलते मर्चेंट चार्ज या प्रोसेसिंग फीस का बोझ कुछ मामलों में सीधे ग्राहकों पर पड़ जाता है।
सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि व्यापारी अपने हिस्से के शुल्क की वसूली ग्राहकों से न करें। भुगतान के समय उपभोक्ताओं से किसी भी तरह की छिपी हुई या अतिरिक्त फीस लेने की व्यवस्था को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
नियमों के प्रभावी पालन की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। सरकार का कहना है कि जहां भी नियमों के क्रियान्वयन में कमी सामने आएगी, उसे जल्द दूर किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखना और ग्राहकों को बिना अनुचित वित्तीय बोझ के सुरक्षित लेनदेन की सुविधा देना है।


