Delhi

बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण पर Meta सख्त, दिल्ली पुलिस को अब सीधे मिलेगा डिजिटल डेटा

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री मिलने पर अब Meta की ओर से इसकी जानकारी सीधे भारत के साइबर अपराध तंत्र को दी जाएगी। इस पहल से ऐसे मामलों की जांच में संदिग्ध अकाउंट, IP एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में इस तरह की जानकारी मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई के लिए अहम होगी। द्वारका स्थित IFSO महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील साइबर अपराधों सहित जटिल मामलों की जांच करती है। इकाई के पास डिलीट किए गए डेटा को निकालने और मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की सुविधा भी है।

NCRB के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 1,238 मामले दर्ज किए गए। इनमें 1,099 मामले बच्चों को यौन रूप से स्पष्ट सामग्री में दिखाने वाली सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से जुड़े थे। दिल्ली में ऐसे 151 मामले दर्ज हुए, जबकि उत्तर प्रदेश में 137 मामले सामने आए।

दिल्ली के सभी 15 जिलों में साइबर थाने अधिसूचित हैं। इससे IFSO को मिलने वाली सूचनाओं को संबंधित जिले तक भेजकर स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की जा सकती है। बच्चों को निशाना बनाने वाले अपराध कई बार ऑनलाइन ग्रूमिंग से शुरू होते हैं। अपराधी पहले दोस्ती कर विश्वास हासिल करता है और बाद में निजी तस्वीर या वीडियो हासिल कर ब्लैकमेल या धमकी दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी जांच के साथ प्रभावित बच्चे को सुरक्षित माहौल, परिवार का सहयोग और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता देना भी जरूरी है।