राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारत जल्द ही टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने की व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि AI आधारित बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की उम्मीद है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में गडकरी ने बताया कि नई व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक को FASTag के साथ जोड़ा जाएगा। इससे वाहनों की पहचान और टोल कटौती अपने आप होगी और उन्हें टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का लक्ष्य राजमार्गों को पूरी तरह डिजिटल, कैशलेस और बाधा-मुक्त बनाना है। मंत्री के अनुसार, FASTag ने पहले ही टोल प्लाजा पर वाहनों के प्रतीक्षा समय को 80 से 90 प्रतिशत तक कम कर दिया है। वर्तमान में देश में 98 प्रतिशत से अधिक वाहन FASTag का इस्तेमाल कर रहे हैं और 13 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी किए जा चुके हैं।
सरकार को उम्मीद है कि नई AI आधारित टोलिंग प्रणाली से टोल संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी और सालाना राजस्व में करीब 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, ‘OneTag’ सुविधा भी शुरू की गई है। इसके जरिए FASTag उपयोगकर्ता बिना नया टैग खरीदे या पुराने टैग को वाहन से हटाए अपना बैंक बदल सकेंगे। इससे FASTag को बैंक खाते से जोड़ने और बैंक पोर्ट करने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी। कुल मिलाकर, नई व्यवस्था का उद्देश्य टोलिंग को तेज, सुविधाजनक और अधिक पारदर्शी बनाना है।


