दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामे की शुरुआत AAP विधायक कुलदीप कुमार और बीजेपी विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस से हुई। दोनों सदस्य अपनी-अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सदस्यों को संयम बरतने की चेतावनी दी।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे AAP विधायकों के हंगामे के बाद संजीव झा, सोम दत्त, जरनैल सिंह और विशेष रवि को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर कर दिया गया। इस दौरान AAP विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अस्पतालों में इलाज, उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं।
वहीं, मंत्री कपिल मिश्रा और प्रवेश वर्मा ने विपक्ष की नेता आतिशी की विधानसभा से अनुपस्थिति को मुद्दा बनाते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रश्नकाल को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि अब सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण AI-सक्षम तकनीक के जरिए विभिन्न भाषाओं में ट्रांसक्राइब और प्रसारित किया जाएगा।


