मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, प्रशासन, रोजगार और पर्यावरण से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर रोक लगाने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ को स्वीकृति दी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026 के तहत तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने का फैसला किया है। इनमें होशियारपुर के बोहण में क्लाउड यूनिवर्सिटी तथा पटियाला जिले के फतेहपुर और नंदपुर केशो में क्रमशः एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी।
कैबिनेट ने पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध पर लाने संबंधी नए विधेयक को भी मंजूरी दी। साथ ही 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई कर्मचारियों की सेवाएं एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में अमृतसर में नया तरसिक्का ब्लॉक बनाने, लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पद भरने, पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026, जीएसटी संशोधन और पंजाब पंचायती राज अधिनियम में बदलाव को भी हरी झंडी दी गई। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से शिक्षा, प्रशासनिक दक्षता, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।


