राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के दिल्ली में वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। चड्ढा का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में उस समय जोड़ा गया, जब राजधानी में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR की प्रक्रिया चल रही थी। खास बात यह है कि दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त को जारी हुई थी, जबकि चड्ढा का नाम 8 सितंबर को वोटर लिस्ट में शामिल किए गए करीब 700 लोगों में दर्ज हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, चड्ढा का नाम राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में जोड़ा गया है। इससे सवाल उठ रहा है कि ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद उनका नाम किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने चड्ढा पर दिल्ली में कथित तौर पर नियमों के खिलाफ वोटर के रूप में रजिस्टर होने का आरोप लगाया है। वहीं, चड्ढा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर भी राजनीतिक आरोप लगाए।
दिल्ली के चुनाव अधिकारियों के अनुसार, चड्ढा का नाम सामान्य अपडेशन प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में EROs ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 700 फॉर्म मंजूर किए थे। जानकारी के मुताबिक, SIR के दौरान दिल्ली की वोटर लिस्ट को 16 जून से 31 अगस्त तक अपडेट प्रक्रिया के लिए रोका गया था। 31 अगस्त तक करीब 2.14 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए थे। इसके बाद दावे और आपत्तियों के चरण में 7 सितंबर तक 25,011 अतिरिक्त फॉर्म-6 जमा हुए। दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी। वहीं, पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से चड्ढा का नाम 3 सितंबर को हटाया गया था।


