अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर संसद परिसर में विपक्ष द्वारा किए गए प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस मामले में सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वाराणसी में उनके साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा दिल्ली के संसद मार्ग थाने में भी इस संबंध में शिकायत दी गई है।
वाराणसी के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल के अनुसार, संत समाज की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर तीनों नेताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाओं के अपमान से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद कई स्थानों पर संतों और सनातन संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।
दरअसल, संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उठाने के लिए एक सांकेतिक नाट्य प्रदर्शन किया था। इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में नजर आए, जबकि राहुल गांधी ने श्रद्धालु के रूप में चंदा देते हुए अभिनय किया। इसके बाद पप्पू यादव चंदे का बक्सा लेकर भागने का अभिनय करने लगे, जिन्हें अन्य सांसदों ने रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस प्रदर्शन पर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म और उसकी आस्था का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इसे हिंदू धर्म के खिलाफ साजिश बताते हुए इसकी निंदा की। स्वामी दीपांकर ने भी कहा कि भगवान राम और सनातन परंपरा से जुड़े प्रतीकों का इस प्रकार इस्तेमाल करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और हिंदू समाज इसका विरोध करेगा।


