राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। शीर्ष अदालत ने मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी का नए सिरे से गठन किया जाए और इसकी अगुवाई किसी अनुभवी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि जांच जल्द अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंच सके।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और इसे किसी राजनीतिक विवाद का रूप देने से बचना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालतें राजनीति का मंच नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित करना है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल कर दी है। हालांकि, जांच जारी होने के कारण फिलहाल अधिक जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को उत्तर प्रदेश सरकार से नई एसआईटी के लिए वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेकर अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि नई जांच टीम मामले को निर्णायक स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन सरकार से नई एसआईटी के प्रमुख अधिकारी का नाम भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।


