अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी आदेशों में मंदिरों के दान, नकदी, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अन्य मंदिर भी इसी प्रकार की व्यवस्थाएं लागू करें।
सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी दानपात्र मजबूत, छेड़छाड़-रोधी और अलग पहचान संख्या वाले होंगे। उन्हें खोलने और दान की गिनती केवल अधिकृत समिति की मौजूदगी में तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी और गिनती वाले कमरों में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य रहेगी।
सभी मंदिरों में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी। गिनती के बाद प्राप्त नकदी अगले कार्य दिवस में मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में जमा करनी होगी। नकदी, सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और अन्य दान का अलग-अलग रजिस्टर तथा डिजिटल रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने कीमती आभूषणों और वस्तुओं की नियमित इन्वेंट्री, त्रैमासिक सत्यापन और वार्षिक ऑडिट के निर्देश दिए हैं। नकदी और कीमती सामान संभालने वाले कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, समय-समय पर रोटेशन तथा स्ट्रांग रूम में डबल लॉक व्यवस्था भी लागू होगी। श्रद्धालुओं को यूपीआई, क्यूआर कोड और ऑनलाइन माध्यम से दान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की चोरी, गड़बड़ी या अनियमितता की सूचना तुरंत पुलिस और संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा। सभी सरकारी प्रबंधित मंदिरों को 30 दिनों के भीतर इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।


