Delhi

Delhi EV Policy 2026: इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़ा बढ़ावा, पेट्रोल-दोपहिया वाहनों पर 2028 से लगेगी रोक

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई Delhi EV Policy 2026 लागू करने की घोषणा की है। करीब 7,000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज़ी से बढ़ावा देना और पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करना है।

नई नीति के अनुसार, 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। इससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर सामान्य नियम लागू होंगे। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 30,000 रुपये, तीनपहिया पर 50,000 रुपये और 3.5 टन तक के इलेक्ट्रिक कमर्शियल ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

सरकार ने भविष्य की समय-सीमा भी तय कर दी है। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए पेट्रोल, डीजल और सीएनजी ऑटो-रिक्शा तथा कुछ छोटे व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल से चलने वाले नए दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाने की योजना है।

पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपेज इंसेंटिव योजना भी लाई गई है। पुरानी कार स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये, दोपहिया पर 10 हजार रुपये, तीनपहिया पर 25 हजार रुपये और बड़े व्यावसायिक वाहनों पर 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।

नीति के तहत शुरुआती 1,000 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों को विशेष परिचालन छूट मिलेगी। वहीं, स्कूल बस संचालकों को अगले दो वर्षों में कम से कम 10 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलना होगा। चार्जिंग सुविधा को मजबूत बनाने के लिए राजधानी में 30,000 से अधिक नए चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की भी योजना है।