मोदी सरकार ने बहुप्रतीक्षित जनगणना-2027 के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अंतर्गत आने वाले रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने हाउसहोल्ड शेड्यूल के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले कुल 40 सवालों का एक विस्तृत सेट अधिसूचित किया है। इस बार की जनगणना में पारंपरिक जनसांख्यिकीय डेटा के साथ-साथ आधुनिक और डिजिटल जीवनशैली से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू भी शामिल किए गए हैं।
क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?
जारी की गई सूची के अनुसार, सेंसस ऑफिसर स्थानीय क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से कई प्रकार की जानकारियां जुटाएंगे। इनमें मुख्य रूप से व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, धर्म, मातृभाषा और शैक्षणिक योग्यता शामिल हैं। इसके अलावा, व्यक्ति की साक्षरता के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता की स्थिति की भी जांच की जाएगी।

सर्वेक्षण में रोजगार, काम की जगह तक आने-जाने के साधन, जन्मस्थान, माइग्रेशन के कारण और स्थायी पते से जुड़े विवरण भी मांगे जाएंगे। खास बात यह है कि महिलाओं से उनके जीवित बच्चों की संख्या के बारे में भी पूछा जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा अपडेट लेते हुए कोविड-19 वैक्सीन लगवाने की जानकारी भी इस फेहरिस्त का हिस्सा बनाई गई है।

डिजिटल और आधिकारिक पहचान की जानकारी
आधुनिक दौर की जरूरतों को ध्यान रखते हुए जनगणना फॉर्म में वित्तीय और डिजिटल पहचान से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं। नागरिकों से उनके कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर, यदि भारतीय पासपोर्ट हो तो उसका विवरण, और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारियां भी मांगी जाएंगी।
कब और कैसे होगी गणना?
देश के भौगोलिक रूप से दुर्गम और बर्फीले इलाकों, जैसे कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी। इन क्षेत्रों के लोगों को 17 से 31 अगस्त के बीच ऑनलाइन माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं, देश के अन्य शेष हिस्सों में मुख्य जनगणना अगले साल यानी फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।


