पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़ी कथित विवादित वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बुधवार को बीजेपी, शिरोमणी अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के खिलाफ बेअदबी कानून 2026 के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रति डीजीपी को भी भेजी है। चुघ का आरोप है कि वीडियो में सिख गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार दिखता है और सरकार ने फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए मामले को दबाने की कोशिश की है। उन्होंने इसे श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाला कृत्य बताया।
वहीं शिअद ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की, उनके खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट को संशोधित कर गलत निष्कर्ष निकाले गए और सच्चाई को छिपाने की कोशिश हुई।
कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर उन पर एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सिख भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने सीएम से श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर माफी मांगने की भी बात कही और सरकार पर सच छिपाने के आरोप लगाए।









