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Telegram पर प्रतिबंध खत्म होने के बाद भी यूजर्स परेशान, मैसेजिंग सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं

NEET-UG री-एग्जाम से पहले सरकार द्वारा Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध 22 जून को समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई यूजर्स अभी भी मैसेज भेजने और प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रतिबंध हटने के बाद भी ऐप पूरी तरह से सामान्य क्यों नहीं हुआ है।

सरकार ने 16 जून को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत आदेश जारी कर Telegram और उससे जुड़े कुछ URL को 22 जून तक ब्लॉक करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही मैसेज एडिट करने वाले फीचर पर 30 जून तक रोक लगाई गई थी। हालांकि प्रतिबंध खत्म होने के बाद कुछ यूजर्स के लिए ऐप सामान्य रूप से काम करने लगा, लेकिन कई लोग अब भी कनेक्टिविटी और मैसेज डिलीवरी की समस्या बता रहे हैं।

आईटी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल Telegram पर प्रतिबंध बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि सेवाओं की बहाली चरणबद्ध तरीके से हो सकती है, इसलिए सभी यूजर्स को एक साथ पूरी सुविधा न मिल रही हो। यह कार्रवाई NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और फर्जी गतिविधियों को रोकने के लिए की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ Telegram चैनल्स पर फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगे थे, जिनमें “Private Mafia” और “PAPER LEAKED NEET” जैसे नाम शामिल थे।

इन चैनलों के बार-बार नए नामों से सक्रिय होने और मैसेज एडिट कर सबूत बदलने की आशंका के कारण सरकार ने अस्थायी रूप से पूरे प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने का निर्णय लिया था। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं और जांच जारी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सरकार के इस कदम को उचित ठहराते हुए कहा था कि यह छात्रों के हित में लिया गया आवश्यक कदम था।