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NEET-UG विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का विपक्ष को करारा जवाब, इस्तीफे की मांग को बताया राजनीति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और विभिन्न संगठनों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अस्वीकृत कुछ तत्व अब व्यवस्था को बदनाम करने और देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने इन विरोध प्रदर्शनों को देश की स्थिरता को प्रभावित करने वाली ताकतों से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए।

NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार विरोध और प्रदर्शन हो रहे थे, जिसके चलते शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि हाल ही में 21 जून को आयोजित पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हुई, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सरकार का भरोसा और मजबूत हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और उनके समर्थक देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर परीक्षा की पवित्रता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उनमें से कुछ ही कथित अनियमितताओं में शामिल पाए गए हैं, जिससे पूरी प्रणाली की जांच की जा रही है।

प्रधान ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सभी संदिग्धों तथा जिम्मेदार अधिकारियों की गहन जांच जारी है। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे विवाद के बीच सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने के पक्ष में है।