भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। स्वदेशी रक्षा उपकरण निर्माता निबे लिमिटेड ने भारतीय सेना के लिए विकसित अपने अत्याधुनिक 120 मिमी वाहन-आधारित मोर्टार सिस्टम ‘गरुड़स्त्र’ का सफल प्रदर्शन किया है। यह परीक्षण मध्य प्रदेश के महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल में आयोजित किया गया, जहां सिस्टम ने अपनी मारक क्षमता, गतिशीलता और सटीकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की शुरुआत ‘शूट एंड स्कूट’ मिशन से हुई। गरुड़स्त्र ने मात्र 30 सेकंड में फायरिंग पोजीशन संभाली और 15 सेकंड से भी कम समय में दो राउंड दागकर लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया। इसके बाद संभावित दुश्मन जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए सिस्टम ने तेजी से अपनी स्थिति बदली और सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया।
इस दौरान गरुड़स्त्र ने उच्च फायरिंग क्षमता का भी प्रदर्शन किया। सिस्टम ने केवल 60 सेकंड में 12 राउंड दागे और सटीकता बनाए रखी। इसके अलावा ‘मल्टीपल राउंड्स सिमल्टेनियस इम्पैक्ट’ (एमआरएसआई) मिशन के तहत अलग-अलग कोणों से दागे गए गोले एक साथ लक्ष्य पर पहुंचे, जिससे अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हुआ।
प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन रहा। जीपीएस और लेजर आधारित मार्गदर्शन प्रणाली से लैस इस गोला-बारूद ने 10 किलोमीटर की दूरी से 3 मीटर × 3 मीटर के लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया। यह उपलब्धि भारतीय सेना के लिए अगली पीढ़ी की सटीक और लंबी दूरी की मारक क्षमता का संकेत देती है। गरुड़स्त्र का सफल परीक्षण ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण को नई गति देने के साथ-साथ भारतीय सशस्त्र बलों की युद्धक क्षमता को भी मजबूत करेगा।









