ओमान की खाड़ी में मर्चेंट जहाज MT सेटेबेलो पर हुए हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीय नाविकों के शव भारत वापस लाए गए हैं। इस घटना में मारे गए नाविकों की पहचान आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। शवों की वापसी के साथ ही दोनों परिवारों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार और अनिश्चितता समाप्त हो गई है।
भारतीय दूतावास ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों मृतकों के शव भारत लाए जा चुके हैं। दूतावास ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। घटना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नागरिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना 10 जून को ओमान के सोहार तट से लगभग 30 नॉटिकल मील दूर हुई थी, जब पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर MT सेटेबेलो पर हमला हुआ। जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। अमेरिकी कार्रवाई के दौरान हुए इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें घर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मृतकों में शामिल हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी 23 वर्षीय डेक कैडेट आदित्य शर्मा के परिवार ने उनके शव को शीघ्र घर लाने की अपील की थी। परिवार का कहना था कि आदित्य जल्द ही वापस लौटने वाले थे और उन्होंने असाइनमेंट केवल एक महीने के लिए बढ़ाया था। इस घटना के बाद भारत में राजनयिक चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्षग्रस्त समुद्री क्षेत्रों में नागरिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियमों और जवाबदेही पर फिर से गंभीर बहस शुरू हो सकती है।









