दिल्ली पुलिस ने देशभर में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साइबर अपराधियों को ‘म्यूल’ बैंक खाते (ऐसे खाते जो दूसरों के नाम पर लेकर अवैध लेनदेन में इस्तेमाल किए जाते हैं) उपलब्ध कराने के बड़े नेटवर्क में शामिल था। पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार के अनुसार, यह कार्रवाई केरल की एक महिला से हुई करीब दो लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत की जांच के दौरान सामने आई। जांच में पाया गया कि धोखाधड़ी की रकम एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, जिसका उपयोग साइबर फ्रॉड के पैसों के लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
पुलिस की तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद पूरे सिंडिकेट की परतें खुलती गईं। एक विशेष टीम गठित कर इस नेटवर्क के अलग-अलग लिंक को ट्रैक किया गया, जिसके बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ संभव हो सका। जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद उनके एटीएम कार्ड, चेकबुक, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग डिटेल्स अपने कब्जे में लेकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय कुमार, प्रदीप कुमार, यतेंद्र कुमार, मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह, अमन, सूरज यादव, गौरव नाहर और लक्ष्मण के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 11 पीओएस मशीनें, 27 चेकबुक, 17 एटीएम कार्ड और 12 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों और लाभार्थियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।









