अपना घर खरीदना अधिकांश लोगों का सपना होता है, लेकिन बढ़ती संपत्ति कीमतों के कारण होम लोन की जरूरत लगभग हर खरीदार को पड़ती है। ऐसे में लोन की ब्याज दरें घर खरीदने के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जून 2026 में होम लोन लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है। इससे फिलहाल होम लोन की ईएमआई में बढ़ोतरी की आशंका कम हो गई है।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को धन उधार देता है। जब यह दर बढ़ती है तो बैंकों की उधारी लागत बढ़ जाती है, जिसका असर ग्राहकों के लोन और ईएमआई पर पड़ता है। हालांकि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मौजूदा और नए दोनों तरह के होम लोन ग्राहकों को राहत मिली है। सरकारी बैंकों में होम लोन की ब्याज दरें प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 7.25 प्रतिशत से, बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 प्रतिशत से, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया 7.10 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन दे रहे हैं। यूनियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक भी आकर्षक दरों पर ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।
निजी बैंकों की बात करें तो आईसीआईसीआई बैंक 7.50 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक 7.60 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 7.75 प्रतिशत से होम लोन की सुविधा दे रहे हैं। एक्सिस बैंक की दरें ग्राहक की प्रोफाइल के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल ब्याज दर देखकर लोन न चुनें। प्रोसेसिंग फीस, लोन अवधि, प्री-पेमेंट चार्ज और अन्य शर्तों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने से कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।









