छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित वीपी भवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक में सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं और एक औपचारिक मांग पत्र भी सौंपा।
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। वहीं, सीजेपी की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने संगठन का पक्ष रखा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि सीजेपी की दो प्रमुख मांगों पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। पहली मांग नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान मानसिक दबाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की थी। सीजेपी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी, जिस पर सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी जताई है।
दूसरी मांग छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की थी। इस मांग पर भी सरकार ने सहमति व्यक्त की है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सीजेपी प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकार ने इस मुद्दे पर विचार के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है आशुतोष रांका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मांग पर भी जल्द सकारात्मक फैसला लेगी। उन्होंने बैठक को छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।


