नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। 6 जून को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं—विकास साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा सहयोग, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क—की समीक्षा की और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। बैठक में क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल और वित्तीय तकनीक, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही सीमा पार अपराधों की जांच और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते के लागू होने का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर भारत ने 2015 के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के तहत तैयार 72 स्वास्थ्य सुविधाएं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी 12 परियोजनाएं नेपाल को औपचारिक रूप से सौंपीं। इसे नेपाल के पुनर्निर्माण और विकास के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। डिजिटल सहयोग के क्षेत्र में भी एक अहम कदम उठाते हुए भारत के UPI और नेपाल के NPI के बीच पीयर-टू-पीयर (P2P) भुगतान सुविधा का शुभारंभ किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच सीमा पार डिजिटल लेन-देन और रिमिटेंस को आसान बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा डिजिटल इंडिया भाषिणी और काठमांडू विश्वविद्यालय के बीच “वॉयस फर्स्ट” भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नेपाल के विदेश मंत्री ने इस यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। मार्च 2026 में नेपाल में नई सरकार बनने के बाद यह विदेश मंत्री स्तर की पहली द्विपक्षीय यात्रा रही, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।









