National

भारतीय वायुसेना को मिलेंगे 114 राफेल, मेगा डील को अंतिम रूप देने फ्रांस रवाना हुए एयर चीफ मार्शल

भारतीय वायुसेना अपनी लड़ाकू क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर तेजी से काम चल रहा है। इसी सिलसिले में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह फ्रांस के तीन दिवसीय दौरे पर गए हैं, जहां वे राफेल निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और संभावित डील तथा तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, भारत जल्द ही इस बहुप्रतीक्षित मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) परियोजना के तहत औपचारिक लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) फ्रांस को भेज सकता है। यह दस्तावेज़ डील की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए अहम माना जाता है। प्रस्तावित सौदे की अनुमानित लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इस योजना के तहत 114 में से लगभग 90 राफेल विमान भारत में ही ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाए जाने की संभावना है, जिसमें डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय साझेदार कंपनी मिलकर उत्पादन करेंगे। शेष 24 विमान फ्रांस से सीधे तैयार हालत में भारत को मिल सकते हैं। इन विमानों में करीब 50 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों के उपयोग की भी उम्मीद है।

भारत पहले से ही 2016 के अंतर-सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए 36 राफेल विमानों का संचालन कर रहा है, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन जेट्स की अलग खरीद प्रक्रिया भी चल रही है। यह नई डील भारतीय वायुसेना की वायु शक्ति को आधुनिक और बहु-क्षमता संपन्न बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।