पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य के 65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के तहत लंबे समय से चल रही ठेकेदारी प्रणाली को समाप्त करते हुए कर्मचारियों को सीधे सरकारी ढांचे में शामिल किया जाएगा। सरकार के अनुसार, यह निर्णय उन कर्मचारियों को सम्मान और रोजगार सुरक्षा प्रदान करेगा जिन्होंने वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दी हैं। नई व्यवस्था के तहत योग्य कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी अनुबंध और बाद में नियमित पदों पर समायोजित किया जाएगा।
कैबिनेट ने इस सुधार को लागू करने के लिए दो नए विधेयकों को भी मंजूरी दी है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी प्रणाली में लाया जा सके। इसके साथ ही डीए और पेंशन बकाया की समीक्षा के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का पुनर्गठन और भ्रष्टाचार मामलों की तेज सुनवाई के लिए 7 विशेष अदालतों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के हित में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थायी रोजगार सुनिश्चित करेगा तथा बिचौलिया प्रणाली को समाप्त करेगा। यह फैसला पंजाब के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।









