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अमित शाह का बड़ा बयान: घुसपैठ रोकने के लिए BSF को सख्त निर्देश, ‘स्मार्ट बॉर्डर’ योजना पर जोर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की पूर्वी सीमा से होने वाली घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिक संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अब केवल निगरानी नहीं, बल्कि घुसपैठियों की पहचान और उनके नेटवर्क को तोड़ने पर भी फोकस करना होगा।

शाह ने कहा कि BSF को स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण तंत्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहिए, ताकि अवैध घुसपैठ और तस्करी के रास्तों का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना सीमा क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक से लैस “स्मार्ट बॉर्डर” में बदलने की है, जिसमें ड्रोन, रडार और हाईटेक कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस तकनीकी व्यवस्था का उपयोग न केवल घुसपैठ रोकने में होगा, बल्कि मादक पदार्थों, हथियारों और नकली मुद्रा की तस्करी पर भी कड़ा नियंत्रण लगाया जाएगा। गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक जनसांख्यिक मिशन शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ से उत्पन्न चुनौतियों का अध्ययन और समाधान तैयार करना होगा।

अपने संबोधन में अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान का भी उल्लेख किया और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा नीति में बदलाव आ चुका है और सरकार हर चुनौती का जवाब सख्त और निर्णायक कार्रवाई से दे रही है। शाह के अनुसार, आने वाले समय में सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए तकनीक आधारित रणनीति को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें BSF की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी।