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नासिक टीसीएस यौन उत्पीड़न मामले में 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, जबरन धर्मांतरण के भी आरोप

नासिक पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित मतांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट नासिक रोड स्थित सेशंस कोर्ट में विशेष जज केदार जोशी की अदालत में पेश की गई। पुलिस ने यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज पहले मामले में दाखिल की है, जबकि इस पूरे प्रकरण में कुल नौ एफआईआर दर्ज हैं।

जांच में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, बलात्कार, यौन शोषण, धोखे से संबंध बनाना, धार्मिक भावनाएं आहत करना, सबूत नष्ट करना और अपराधियों को संरक्षण देना शामिल है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान जबरन धर्म परिवर्तन के भी संकेत और सबूत मिले हैं। चार्जशीट में पीड़िता और आरोपियों के बीच हुई कथित व्हाट्सएप चैट, ईमेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल किए गए हैं। इसके अलावा घटनास्थल का पंचनामा, बैंक लेनदेन विवरण, जाति प्रमाण पत्र, पहचान परेड और वाहन से जुड़े दस्तावेज भी सबूत के रूप में पेश किए गए हैं।

मामले की शुरुआत तब हुई जब टीसीएस नासिक यूनिट में कार्यरत आठ शिकायतकर्ताओं ने यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोप लगाए। इसके बाद देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन और मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में कई केस दर्ज किए गए। कंपनी टीसीएस ने कहा है कि वह कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ सख्त नीति अपनाती है और आरोपों के सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और अन्य मामलों में भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।